पानीपत,[रामकुमारकौशिक]।हरियाणाकेरत्‍नोंकोआगेलानेकेलिएएकनयाप्रयासकियाजारहाहै।कुरूक्षेत्रविश्वविद्यालयहरियाणारत्नकाअवार्डदेगा।येअवार्डप्रदेशकीलुप्तहोरहीप्राचीनहरियाणवीसंस्कृतिवकलाकोबचानेकेलिएआजीवनयोगदानदेनेवालेकलाकारोंकोमिलेगा।रत्नावलीसमारोहमेंयेअवार्डदियाजाएगा।यहपुरस्कारलोकनृत्य,नाटक,संगीत,साहित्यएवंलोककलाकेक्षेत्रमेंदिएजाएंगे।कुरुक्षेत्रविश्वविद्यालयकेयुवाएवंसांस्कृतिककार्यक्रमविभागकेनिदेशकडा.महासिंहपूनियानेबतायाकिकुरुक्षेत्रविश्वविद्यालयकेकुलपतिडा.सोमनाथसचदेवाकीअगुवाईमेंविश्वविद्यालयसांस्कृतिकपरिषदद्वारायहनिर्णयलियागयाहै।

हरियाणामेंथियेटरकलाकाइतिहासहजारोंवर्षपुरानारहाहै।महाराजाहर्षवर्धनकेसमयमेंराजधानीथानेसरमेंअनेकनाटकोंकेआयोजनकीपरंपरारहीहै।राज्यश्रीतथारत्नावलीनाटकसातवींसदीकेहरियाणवीनाटकहैं।इसविधाकोप्रदेशमेंजीवंतकरनेकेलिएजिनकलाकारोंनेआजीवनअपनायोगदानदियाहै,उनमेंसेकिसीएककोहरवर्षनाटककेक्षेत्रमेंहरियाणारत्नकेपुरस्कारसेसुशोभितकियाजाएगाताकियहविधाप्रदेशमेंजीवंतरहे।

हरियाणासंगीतकीधराहै।यहांपरसैकड़ोंऐसेगांवहै,जिनकानामकरणरागएवंस्वरलहरियोंपररखागयाहै।इससेपताचलताहैकियहांसंगीतकीपरम्पराकाइतिहासकितनाप्राचीनहै।हरियाणामेंखोडिय़ा,धमाल,रसिया,घुम्मर,लूर,फागणआदिमेंअनेकनृत्यकिएजातेहैं।वर्तमानदौरमेंयहपरम्पराधीरे-धीरेसमाप्तहोरहीहै।नृत्यकेक्षेत्रमेंआजीवनयोगदानदेनेवालेकलाकारकोनृत्यकाहरियाणारत्नपुरस्कारदियाजाएगा।

हरियाणवीलोकसंगीतकीअपनीपरंपरारहीहै।यहांपरसंगीतकीस्वरलहरियोंकोसारंगी,घड़वा,बैंजो,अलगोजा,बांसली,मटका,शीशी,चिमटा,खड़ताल,तुम्बा,झांझ,दुतारा,हारमोनियमआदिवाद्ययंत्रोंकेमाध्यमसेसजीवस्वरूपप्रदानकियाजारहाहै।हरियाणवीलोकवाद्यवृंदकीशुरूआतभीकुरुक्षेत्रविश्वविद्यालयकेमंचसेहुई।लोकसंगीतमेंमहत्वपूर्णयोगदानदेनेकेलिएआजीवनपुरस्कारकेरूपमेंसंगीतकेक्षेत्रमेंहरियाणारत्नपुरस्कारदियाजाएगा।

हरियाणाकासाहित्यहजारोंवर्षपुरानाहै।वैदिकसंस्कृतसेलेकरकौरवी,बांगरू,बागड़ी,अहीरवाटी,बृज,मेवातीआदिबोलियोंकेआधारपरहरियाणवीभाषानेअतीतकेइतिहासकोअपनेअंदरसमेटाहुआहै।धीरे-धीरेआंचलिकबोलियोंकाक्षेत्रसिमटरहाहै।ऐसेमेंकुरुक्षेत्रविश्वविद्यालयनेलोकसाहित्यकोआजीवनयोगदानदेनेवालेकिसीएकव्यक्तिकोहरवर्षलोकसाहित्यकेक्षेत्रमेंहरियाणारत्नपुरस्कारदेनेकानिर्णयलियाहै।

हरियाणाकीलोककलाकाइतिहासहजारोंवर्षकीपुरानापरम्पराकोअपनेअंदरसमेटेहुएहै।यहांकीकुंभकलाकाइतिहासतोआठहजारवर्षोंसेभीअधिकपुरानाहै।इसकेसाक्षात्प्रमाणराखीगढ़ीमेंदेखनेकोमिलेहैं।इसकेसाथलोकव्यावसायिककाम-धंधोंमेंयहांकीलोककलाकाइतिहासछिपाहुआहै।रथ,रेजाबनानेवरंगेकीपरम्परा,चरमकारकीकला,लोहारकीकला,सुनारकीकलाअनेकोंऐसीलोककलाएंसमाजकामहत्वपूर्णहिस्साहैं।जोधीरे-धीरेसमाप्तिकीओरअग्रसरहोरहीहैं।ऐसेमेंआधुनिकपीढ़ीसेइनपरम्पराओंकोजोडऩेकेलिएविश्वविद्यालयनेआजीवनयोगदानदेनेवालेलोककलाकारकोहरियाणारत्नपुरस्कारदेनेकाफैसलालियाहै।

पानीपतकीताजाखबरेंपढ़नेकेलिएयहांक्लिककरें

हरियाणाकीखबरेंपढ़नेकेलिएयहांक्लिककरें

पंजाबकीखबरेंपढ़नेकेलिएयहांक्लिककरें

येभीपढ़ें:करनालमेंपुलिसएनकाउंटरमेंमारागयाइनामीबदमाश,हत्‍याकेमामलेमेंथीतलाश

By Green